नेपाल में फंसे भारतीयों की तलाश तेज, सरकार ने बढ़ाई निगरानी
नेपाल में आई विनाशकारी फ्लैश फ्लड के बाद वहां फंसे भारतीय नागरिकों को लेकर भारत सरकार की चिंता बढ़ गई है। बाढ़ और भूस्खलन से प्रभावित इलाकों में संचार व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित होने के कारण कई भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं हो पा रहा है। विदेश मंत्रालय के अनुसार, करीब 288 भारतीय नागरिकों से अभी संपर्क स्थापित नहीं हो सका है। इनमें तीर्थयात्री, पर्यटक और नेपाल में काम करने वाले भारतीय कर्मचारी शामिल हैं।
विदेश मंत्रालय ने बताया कि प्रभावित भारतीयों की जानकारी जुटाने और उनके परिजनों तक सही सूचना पहुंचाने के लिए भारतीय दूतावास और स्थानीय अधिकारियों के साथ लगातार संपर्क किया जा रहा है। नेपाल में स्थिति बेहद चुनौतीपूर्ण है, क्योंकि कई इलाकों में सड़कें, पुल और संचार नेटवर्क बाढ़ के कारण क्षतिग्रस्त हो गए हैं।
इस बीच राहत की खबर भी सामने आई है। तमिलनाडु के 21 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है और उन्हें सुरक्षित स्थान तक पहुंचाने की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा चीन के तिब्बत क्षेत्र में फंसे करीब 200 भारतीय नागरिकों ने भी भारत से सहायता और सुरक्षित निकासी की मांग की है।
लापता भारतीयों में त्रिशूली-1 जलविद्युत परियोजना में काम करने वाले कर्मचारी और कैलाश मानसरोवर यात्रा पर गए श्रद्धालु भी शामिल हैं। विदेश मंत्रालय के अनुसार, त्रिशूली परियोजना से जुड़े कई भारतीयों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।
भारत सरकार नेपाल की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है और राहत एवं बचाव प्रयासों में हरसंभव सहयोग दे रही है। भारतीय अधिकारियों की प्राथमिकता फिलहाल लापता नागरिकों का पता लगाना, सुरक्षित लोगों की पहचान करना और जरूरतमंद भारतीयों को सुरक्षित भारत वापस लाना है।
स्थिति लगातार बदल रही है, इसलिए लापता और रेस्क्यू किए गए लोगों के आंकड़ों में आगे बदलाव संभव है।


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